डिजीनेस और वर्टिगो: जानें चक्कर आने के कारण और उपाय
अचानक चक्कर आना क्यों है खतरनाक? डिजीनेस और वर्टिगो में फर्क समझें
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डिजीनेस और वर्टिगो दो अलग-अलग चिकित्सा स्थितियां हैं। डिजीनेस हल्के चक्कर और असंतुलन का अनुभव कराता है, जबकि वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे चीजें घूम रही हैं। सही जानकारी और सावधानियों से इन समस्याओं का प्रबंधन किया जा सकता है।
- 01डिजीनेस एक सामान्य चक्कर है, जबकि वर्टिगो संतुलन प्रणाली में गड़बड़ी के कारण होता है।
- 02डिजीनेस के आम कारणों में डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर में गिरावट और मानसिक तनाव शामिल हैं।
- 03वर्टिगो का मुख्य कारण कान की संतुलन प्रणाली में समस्या होती है।
- 04चक्कर आने पर तुरंत बैठना या लेटना चाहिए ताकि चोट न लगे।
- 05गंभीर लक्षणों के लिए डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
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डिजीनेस और वर्टिगो, दोनों चक्कर आने की समस्याएं हैं, लेकिन इनके कारण और अनुभव अलग हैं। डिजीनेस हल्का चक्कर या असंतुलन महसूस कराने वाला होता है, जो कई कारणों से हो सकता है, जैसे डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर में गिरावट, या मानसिक तनाव। इसके विपरीत, वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि वह या उसके आस-पास की चीजें घूम रही हैं, जो आमतौर पर कान की संतुलन प्रणाली में समस्या के कारण होता है। चक्कर आने पर, डॉक्टरों की सलाह है कि व्यक्ति तुरंत बैठ जाए या लेट जाए। अगर चक्कर के साथ तेज सिरदर्द, बोलने में दिक्कत, या कमजोरी महसूस हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं और डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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चक्कर आने की समस्या से प्रभावित लोग अपने दैनिक कार्यों में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
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