गौतम अडानी का आत्मनिर्भरता पर जोर: ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता
Gautam Adani Advice: आत्मनिर्भर तभी जब ये दो चीजें, अमेरिका-चीन का जिक्र कर अडानी ने बदलते समीकरण का सीन समझा दिया
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
गौतम अडानी (अडानी समूह के मुखिया) ने CII के बिजनेस समिट 2026 में कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा पर नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने अमेरिका और चीन के उदाहरण देकर बताया कि बिना इन दोनों तत्वों के कोई भी देश पूर्ण स्वतंत्रता नहीं प्राप्त कर सकता।
- 01आत्मनिर्भरता के लिए ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा पर नियंत्रण जरूरी है।
- 02अमेरिका और चीन ने इस बात को समझ लिया है कि ऊर्जा और बौद्धिक क्षमता पर नियंत्रण आवश्यक है।
- 03सेमीकंडक्टर और डेटा अब राष्ट्रीय सुरक्षा के हथियार बन गए हैं।
- 04भारत को अपने बौद्धिक भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा खुद बनाना चाहिए।
- 05आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक रणनीतिक बुनियादी ढांचा है, न कि केवल सॉफ्टवेयर।
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गौतम अडानी ने हाल ही में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के सालाना बिजनेस समिट 2026 में आत्मनिर्भरता के लिए ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 'ताकत का समीकरण' बदल गया है, जिसमें सच्ची आजादी का मतलब अब ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा है। अडानी ने अमेरिका और चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी देश तब तक आत्मनिर्भर नहीं हो सकता जब तक वह ऊर्जा और बौद्धिक क्षमता के लिए आयात पर निर्भर है। उन्होंने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर और डेटा अब राष्ट्रीय सुरक्षा के हथियार बन गए हैं। अडानी ने भारत को सलाह दी कि उसे अपने बौद्धिक भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा खुद बनाना चाहिए और इसे अपनी ऊर्जा से चलाना चाहिए।
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अगर भारत ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनता है, तो यह देश की औद्योगिक और बौद्धिक क्षमता को मजबूत करेगा।
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