BIT मेसरा के छात्रों ने बेकार प्लास्टिक बोतलों से बनाए डस्टबिन, झारखंड में पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
झारखंड में पर्यवारण संरक्षण की नई पहल, BIT मेसरा के स्टूडेंट्स ने बेकार प्लास्टिक बोतलों से बनाई डस्टबिन
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Image: Jagran
BIT मेसरा, झारखंड के छात्रों ने 'सफाई साथी अभियान' के तहत बेकार प्लास्टिक बोतलों से डस्टबिन बनाए हैं। यह पहल पतरातू डैम के पास शुरू की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
- 01BIT मेसरा के छात्रों ने बेकार प्लास्टिक बोतलों से डस्टबिन बनाए हैं।
- 02यह पहल 'सफाई साथी अभियान' के तहत की गई है।
- 03डस्टबिन बनाने में प्रति यूनिट लागत ₹1200 है।
- 04इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
- 05छात्रों ने पहले भी कैमूर में इसी तरह की पहल की थी।
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झारखंड के रांची स्थित BIT मेसरा के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की है। छात्रों ने पतरातू डैम के पास बेकार पानी की बोतलों से डस्टबिन बनाए हैं, जो 'सफाई साथी अभियान' का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। छात्रों ने बताया कि आमतौर पर नीले और पीले रंग के डस्टबिन की कीमत ₹4500 होती है, जबकि ये डस्टबिन केवल ₹1200 में तैयार किए जा रहे हैं। मानसी सिंह, जो इस पहल की अगुवाई कर रही हैं, ने कहा कि यह झारखंड में इस तरह का पहला प्रयोग है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले उन्होंने कैमूर के वन विभाग को भी इसी तरह के डस्टबिन उपहार में दिए थे। इस पहल के तहत, छात्र न केवल प्लास्टिक बोतलों का पुनः उपयोग कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।
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इस पहल से स्थानीय समुदाय में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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