झारखंड हाईकोर्ट ने विमल और प्रतीक अग्रवाल के खिलाफ FIR रद्द की
झारखंड HC ने विमल अग्रवाल और बेटे प्रतीक को दी बड़ी राहत, 1.91 करोड़ रुपये गबन मामले में FIR रद

Image: Jagran
झारखंड हाईकोर्ट ने व्यवसायी विमल कुमार अग्रवाल और उनके पुत्र प्रतीक अग्रवाल के खिलाफ 1.91 करोड़ रुपये के गबन मामले में दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। अदालत ने पाया कि विवाद का स्वरूप नागरिक है, जिससे आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
- 01झारखंड हाईकोर्ट ने सोनारी थाना कांड संख्या 45/2025 की कार्यवाही को निरस्त किया।
- 02शिकायतकर्ता शंकर लाल गुप्ता ने 1.91 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया था।
- 03अग्रवाल पिता-पुत्र ने 2017 में रेलवे ठेकों में निवेश का प्रस्ताव दिया था।
- 04अदालत ने पाया कि मामला मुख्यतः नागरिक प्रकृति का है।
- 05अग्रवाल परिवार ने पहले ही 1.73 करोड़ रुपये वापस किए हैं।
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झारखंड हाईकोर्ट ने व्यवसायी विमल कुमार अग्रवाल और उनके पुत्र प्रतीक अग्रवाल को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की एकल पीठ ने यह निर्णय लिया, जिसमें कहा गया कि शिकायतकर्ता शंकर लाल गुप्ता द्वारा लगाए गए 1.91 करोड़ रुपये के गबन के आरोप का विवाद मुख्यतः नागरिक प्रकृति का है। शिकायत के अनुसार, विमल अग्रवाल ने 2017 में गुप्ता को रेलवे ठेकों में निवेश का प्रस्ताव दिया था और मुनाफे का आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता ने विभिन्न किश्तों में कुल 1.62 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। निचली अदालत में अग्रवाल परिवार ने तर्क दिया कि उन्होंने 1.73 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। इस आधार पर, हाईकोर्ट ने प्राथमिकी और उससे संबंधित सभी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
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इस निर्णय से विमल और प्रतीक अग्रवाल को कानूनी राहत मिली है, जिससे उनके व्यवसाय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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