ओवैसी ने सड़क पर नमाज को लेकर उठाए सवाल, कहा: सभी धार्मिक गतिविधियों पर समान पाबंदियां लगें
'अगर सड़क पर नमाज गलत तो सभी त्योहारों के जश्न पर भी लगाओ रोक', ओवैसी ने लगाया डबल स्टैंडर्ड का आरोप

Image: Jagran
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर उठ रही आपत्तियों को 'दोहरे मापदंड' का उदाहरण बताया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि सभी धर्मों की धार्मिक गतिविधियों पर समान रूप से पाबंदियां लगनी चाहिए।
- 01ओवैसी ने अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार बताया।
- 02उन्होंने कहा कि अगर नमाज पर पाबंदी है, तो सभी धर्मों के त्योहारों पर भी ऐसा ही होना चाहिए।
- 03ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम त्योहारों के दौरान जानबूझकर अजान और नमाज से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं।
- 04उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमाज पढ़ने के तरीके पर सुझाव दिए हैं।
- 05पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में ईद की पारंपरिक जमात को सार्वजनिक सड़कों पर न करने का निर्णय लिया है।
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एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को दिल्ली में 'ईद मिलाप' कार्यक्रम के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ने पर उठ रही आपत्तियों को 'दोहरे मापदंड' के रूप में देखा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि सभी धर्मों की धार्मिक गतिविधियों पर समान रूप से पाबंदियां लगनी चाहिए। ओवैसी ने सवाल किया कि जब अन्य समुदायों के धार्मिक जुलूसों पर कोई आपत्ति नहीं होती, तो नमाज पर क्यों? उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है, तो सभी धर्मों के त्योहारों पर सड़क पर निकलना भी गलत होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जब भी रमजान या बकरीद जैसे बड़े मुस्लिम त्योहार नजदीक आते हैं, तब जानबूझकर अजान और नमाज से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं। ओवैसी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकारों द्वारा धार्मिक गतिविधियों पर लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की।
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सड़क पर नमाज और धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदियों का मुद्दा विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकता है।
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