भारत की सेनाओं के लिए नया थिएटर कमांड ढांचा: CDS जनरल अनिल चौहान का विवरण
तीनों सेनाएं एक साथ कैसे काम करेंगी? समझिए CDS से पूरा मॉडल
Aaj Tak
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भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेनाओं के लिए नए थिएटर कमांड का ढांचा प्रस्तुत किया है। यह ढांचा चीन और पाकिस्तान की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तीन अलग-अलग कमांड बनाएगा, जिससे सैन्य संचालन में तेजी और कुशलता आएगी।
- 01थिएटर कमांड का ढांचा तीनों सेनाओं को एक साथ काम करने की अनुमति देगा।
- 02तीन प्रमुख थिएटर कमांड: उत्तरी, पश्चिमी और मैरिटाइम।
- 03फोर्स एप्लीकेशन और फोर्स जनरेशन के कार्य अलग-अलग होंगे।
- 04मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के तहत साइबर और अंतरिक्ष युद्ध को शामिल किया जाएगा।
- 05थिएटर कमांड से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेनाओं के लिए एक नए थिएटर कमांड ढांचे का प्रस्ताव रखा है, जिसे देश की आजादी के बाद का सबसे बड़ा सैन्य सुधार माना जा रहा है। इस ढांचे के तहत, थलसेना, वायुसेना और नौसेना एक ही कमांडर के अधीन काम करेंगी, जिससे सैन्य संचालन में तेजी और प्रभावशीलता आएगी। जनरल चौहान के अनुसार, तीन प्रमुख थिएटर कमांड बनाए जाएंगे: उत्तरी थिएटर कमांड, जो चीन की सीमा से संबंधित क्षेत्रों की देखरेख करेगा; पश्चिमी थिएटर कमांड, जो पाकिस्तान की सीमा से जुड़े इलाकों की सुरक्षा करेगा; और मैरिटाइम थिएटर कमांड, जो समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह प्रस्ताव अब कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास मंजूरी के लिए है। थिएटर कमांड के माध्यम से फोर्स एप्लीकेशन और फोर्स जनरेशन के कार्य अलग-अलग होंगे, जिससे दोनों कार्यों में कुशलता बढ़ेगी। जनरल चौहान ने इसे 'जॉइंटनेस 2.0' कहा है, जिसका अर्थ है कि सेनाएं केवल साथ नहीं काम करेंगी, बल्कि पूरी तरह से एकीकृत होंगी।
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इस नए ढांचे से भारत की सैन्य ताकत में वृद्धि होगी, जिससे सीमाओं की सुरक्षा और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा।
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