हाई कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त की
रात 1 बजे के बाद आया कोर्ट का फैसला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

Image: Jagran
जबलपुर हाई कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है। यह फैसला त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत और दहेज प्रताड़ना से जुड़े मामले में आया है, जिसमें गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप हैं।
- 01हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त किया, जो पहले 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा दी गई थी।
- 02मामला त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जो गिरिबाला सिंह के बेटे से शादी के बाद हुई थी।
- 03कोर्ट ने कहा कि जमानत आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित था, और आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं।
- 04सीबीआई और राज्य सरकार ने कस्टोडियल इंटरोगेशन की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 05कोर्ट ने वाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों में गिरिबाला सिंह के खिलाफ स्पष्ट आरोप पाए।
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जबलपुर में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है। यह फैसला त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत और दहेज प्रताड़ना से जुड़े मामले में आया है। त्विषा की शादी गिरिबाला सिंह के बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह से 9 दिसंबर, 2025 को हुई थी, और उनकी मौत 12 मई, 2026 को हुई। कोर्ट ने कहा कि जमानत का आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित था। मामले में सीबीआई और राज्य सरकार ने कस्टोडियल इंटरोगेशन की आवश्यकता बताई। न्यायालय ने पाया कि आरोपित ने जांच में सहयोग नहीं किया और वाट्सऐप चैट्स में भी प्रताड़ना के सबूत मिले। न्यायमूर्ति मिश्रा ने 15 मई, 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया।
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इस फैसले से गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है, जिससे उनके परिवार और कानूनी समुदाय में चिंता बढ़ सकती है।
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