भारत में भीषण गर्मी से 3400 अतिरिक्त मौतें, उत्तर भारत के पांच राज्यों में गंभीर स्थिति
एक दिन की भीषण गर्मी में देश में होती हैं 3400 अतिरिक्त मौतें, उत्तर भारत के पांच राज्यों में 66 फीसदी लोगों की गई जान
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एक नए अध्ययन के अनुसार, भारत में एक दिन की भीषण गर्मी से लगभग 3400 अतिरिक्त मौतें होती हैं। यदि लू पांच दिनों तक जारी रहती है, तो यह संख्या 30,000 तक पहुंच सकती है। उत्तर भारत के पांच राज्यों में 66% मौतें गर्मी के कारण होती हैं।
- 01अध्ययन में बताया गया है कि 3400 अतिरिक्त मौतें एक दिन की गर्मी से होती हैं।
- 02पांच दिन की लू में उत्तर प्रदेश में लगभग 8,100 अतिरिक्त मौतें होने का अनुमान है।
- 03अहमदाबाद, जयपुर और सूरत जैसे जिलों में 250 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं।
- 04गर्मी से प्रभावित राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बुनियादी ढांचे की कमी है।
- 05कम जीडीपी वाले राज्यों को केंद्र सरकार से अधिक सहायता की आवश्यकता है।
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एक हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत में एक दिन की भीषण गर्मी के कारण लगभग 3400 अतिरिक्त मौतें होती हैं। यदि लू लगातार पांच दिन तक जारी रहे, तो यह संख्या लगभग 30,000 तक पहुंच सकती है। अध्ययन के अनुसार, उत्तर भारत के पांच राज्यों - उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में गर्मी से होने वाली मौतों का अनुपात 66% है। उत्तर प्रदेश अकेले पांच दिन की लू के दौरान लगभग 8,100 अतिरिक्त मौतों के लिए जिम्मेदार है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इन राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को अधिक बोझ वाले और कम जीडीपी वाले राज्यों को अधिक सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि गर्मी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
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गर्मी के कारण होने वाली अतिरिक्त मौतों का प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर पड़ता है।
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