डेनमार्क की PM ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा
बच्चों को सोशल मीडिया देने से बेहतर है सिगरेट थमा दो! डेनमार्क की PM के इस बयान ने दुनिया को चौंकाया

Image: Zee News
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया पर छोड़ने से बेहतर है कि उन्हें सिगरेट पीने दिया जाए। सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है।
- 01प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त बयान दिया है।
- 02सरकार 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है।
- 0313 और 14 साल के बच्चों को सोशल मीडिया का उपयोग करने के लिए माता-पिता की अनुमति लेनी होगी।
- 04बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं।
- 05यह पहल दुनिया भर के माता-पिता और सरकारों को बच्चों के स्क्रीन समय पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित कर रही है।
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डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के मुद्दे पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर उनके बच्चे होते, तो वह उन्हें सोशल मीडिया पर अकेले छोड़ने के बजाय सिगरेट पीने देना पसंद करेंगी। इस बयान ने वैश्विक स्तर पर बच्चों के डिजिटल जीवन की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक कंपनियों ने बच्चों का बचपन छीन लिया है और अब समय आ गया है कि हम इस डिजिटल कैद से बाहर निकलें। डेनमार्क सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है, जिसके तहत 13 और 14 साल के बच्चों को अपने माता-पिता की अनुमति के बिना सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। इस प्रस्ताव ने इंटरनेट पर प्रतिक्रिया का एक तूफान खड़ा कर दिया है, जहां यूजर्स इस मुद्दे पर विभाजित हैं।
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डेनमार्क की इस पहल से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक नई सोच विकसित हो सकती है।
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