जर्मनी में Studienkolleg: 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक कदम
German Education System: 12वीं के बाद जर्मनी में पढ़ना है, पहले Studienkolleg को करना होगा पूरा? जानिए ये क्या है
Image: Nbt Navbharattimes
जर्मनी में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या के पीछे ट्यूशन फीस का न होना और बेहतर जॉब मार्केट हैं। 12वीं के बाद सीधे विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिलता, इसलिए छात्रों को Studienkolleg प्रोग्राम पूरा करना होता है, जो उन्हें जर्मन शिक्षा प्रणाली के लिए तैयार करता है।
- 01जर्मनी में लगभग 60,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो ट्यूशन फीस और जॉब अवसरों के कारण आकर्षित हो रहे हैं।
- 02Studienkolleg एक ब्रिज प्रोग्राम है, जो 12वीं के बाद जर्मन विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए आवश्यक है।
- 03इस प्रोग्राम में छात्रों को जर्मन भाषा, विषय आधारित पढ़ाई और अकादमिक माहौल का अनुभव मिलता है।
- 04Studienkolleg की अवधि आमतौर पर एक साल होती है, जिसमें दो सेमेस्टर होते हैं।
- 05FSP परीक्षा पास करने पर छात्रों को जर्मन Abitur के बराबर योग्यता प्राप्त होती है, जिससे उन्हें विश्वविद्यालय में दाखिला मिल जाता है।
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जर्मनी में भारतीय छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, मुख्य रूप से ट्यूशन फीस के न होने और बेहतर जॉब मार्केट के कारण। हालांकि, जर्मन शिक्षा प्रणाली भारत से भिन्न है, और इसलिए भारतीय छात्रों को सीधे विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिलता। इसके लिए उन्हें पहले Studienkolleg प्रोग्राम पूरा करना होता है, जो 12वीं और जर्मन Abitur के बीच की शैक्षणिक कमी को पूरा करता है। Studienkolleg एक सरकारी मान्यता प्राप्त प्रोग्राम है, जिसमें छात्रों को विषय आधारित पढ़ाई, जर्मन भाषा, और अकादमिक माहौल का अनुभव मिलता है। इस प्रोग्राम की अवधि आमतौर पर एक साल होती है, जिसमें छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है। अंत में, Feststellungsprüfung (FSP) परीक्षा पास करने पर छात्रों को जर्मन विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने की योग्यता प्राप्त होती है।
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जर्मनी में पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या से शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
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