तमिलनाडु सरकार ने निजी स्कूलों के लिए फीस नियमों को सख्त किया
विजय सरकार का प्राइवेट स्कूलों पर एक्शन: फीस पर नहीं चलेगी मनमानी, नोटिस बोर्ड पर देनी होगी पूरी जानकारी
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तमिलनाडु सरकार ने सभी निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का विवरण नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने का आदेश दिया है। यह निर्णय स्कूलों द्वारा निर्धारित मानदंडों से अधिक फीस वसूलने की शिकायतों के बाद लिया गया है।
- 01तमिलनाडु में 13,000 से अधिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं।
- 02निजी स्कूलों को निर्धारित ट्यूशन फीस का विवरण नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
- 03यदि कोई स्कूल निर्धारित राशि से अधिक फीस वसूलता है, तो उसकी मान्यता रद की जा सकती है।
- 04यह नियम तमिलनाडु स्कूल (शुल्क संग्रह विनियमन) संशोधन अधिनियम द्वारा समर्थित है।
- 05अभिभावक किसी भी स्कूल द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूलने की शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास कर सकते हैं।
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तमिलनाडु सरकार ने सभी निजी स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्यूशन फीस का विवरण नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय कई शिकायतों के बाद लिया गया, जिनमें स्कूलों द्वारा निर्धारित मानदंडों से अधिक फीस वसूलने की बातें शामिल थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी सरकारी और निजी स्कूल चार जून से फिर से खुलेंगे। यदि कोई निजी स्कूल निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलता है, तो उसकी मान्यता रद कर दी जाएगी। वर्तमान में तमिलनाडु में 13,000 से अधिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। यह नियम तमिलनाडु स्कूल (शुल्क संग्रह विनियमन) संशोधन अधिनियम के तहत लागू किया गया है, जिसमें उच्च अधिकारियों और शिक्षाविदों की एक समिति द्वारा फीस निर्धारित की जाती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि यदि वे किसी स्कूल द्वारा नियमों के खिलाफ अत्यधिक शुल्क वसूलने की जानकारी प्राप्त करते हैं, तो वे संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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निजी स्कूलों में फीस की पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे अभिभावकों को अधिक जानकारी मिलेगी।
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