झारखंड में डेयरी क्षेत्र में 70,000 किसानों को मिल रहा ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन
डेयरी से जुड़े 70 हजार किसान, सरकार दे रही ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि, पढ़ें झारखंड में दूध उत्पादन की ग्राउंड रिपोर्ट

Image: Jagran
झारखंड में दूध उत्पादन में वृद्धि हो रही है, जो वर्तमान में प्रतिदिन 87.68 लाख लीटर तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने पशुपालकों को ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है, जिससे 70,000 किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
- 01झारखंड में दूध उत्पादन पिछले वर्ष के 79 लाख लीटर से बढ़कर 87.68 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
- 02राज्य सरकार ने पशुपालकों को ₹5 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है, जो पहले ₹3 थी।
- 03वर्तमान में 70,000 किसान झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) से जुड़े हैं और लाभ कमा रहे हैं।
- 04राज्य में कुल 125.73 लाख पशुधन हैं, जिनमें 112.23 लाख गायें और 13.50 लाख भैंसें शामिल हैं।
- 05डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार के लिए उन्नत एचएफ सीमेन का प्रयोग किया जा रहा है।
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झारखंड में डेयरी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष औसतन प्रतिदिन 79 लाख लीटर दूध का उत्पादन अब बढ़कर 87.68 लाख लीटर हो गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार और पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है। सरकार ने पशुपालकों को अब ₹5 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है, जो पहले ₹3 थी। इससे 70,000 किसान झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) से जुड़कर लाभ कमा रहे हैं। दूध की गुणवत्ता की जांच के बाद भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाता है। झारखंड में कुल 125.73 लाख पशुधन हैं, जिनमें 112.23 लाख गायें और 13.50 लाख भैंसें शामिल हैं। हालांकि, नस्ल सुधार की चुनौती बनी हुई है, जहां 89% पशु देसी नस्ल के हैं। इस दिशा में, पशुपालन विभाग और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) मिलकर उन्नत एचएफ सीमेन का प्रयोग कर रहे हैं ताकि दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।
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पशुपालकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से किसानों की आय में वृद्धि होगी और डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी।
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