भारत का खाद्यान्न भंडार: 604.02 लाख टन, जरूरत से तीन गुना अधिक
India Foodgrain Stocks: भारत का यह रिजर्व जरूरत से तीन गुना ज्यादा, ईरान युद्ध के बीच इसके मायने
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भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अनुसार, भारत के गोदामों में 1 अप्रैल तक गेहूं और चावल का भंडार 604.02 लाख टन तक पहुंच गया है, जो आवश्यक बफर जरूरत से लगभग तीन गुना अधिक है। यह भंडार ईरान युद्ध के बीच खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है और महंगाई पर नियंत्रण में मदद करेगा।
- 01भारत का खाद्यान्न भंडार 604.02 लाख टन है, जो आवश्यक बफर से तीन गुना अधिक है।
- 02चावल का स्टॉक 386.10 लाख टन और गेहूं का 217.92 लाख टन है।
- 03यह भंडार भारत की खाद्य आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
- 04सरकार बफर स्टॉक को हर तीन महीने में संशोधित करती है।
- 05ज्यादातर रबी फसलों के थोक मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे हैं।
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भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अनुसार, 1 अप्रैल तक भारत के गोदामों में 604.02 लाख टन गेहूं और चावल का भंडार है, जो कि 210.40 लाख टन की अनिवार्य बफर जरूरत से लगभग तीन गुना अधिक है। इस बड़े भंडार का महत्व ईरान युद्ध के दौरान और भी बढ़ गया है, जब वैश्विक खाद्य और ऊर्जा संकट का सामना किया जा रहा है। चावल का स्टॉक 386.10 लाख टन और गेहूं का 217.92 लाख टन है, जो कि क्रमशः 135.80 लाख टन और 74.60 लाख टन की बफर जरूरत से काफी अधिक है। यह भंडार भारत की खाद्य आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है और महंगाई पर नियंत्रण में मदद करता है। सरकार बफर स्टॉक को हर तीन महीने में संशोधित करती है, और अगला संशोधन 1 जुलाई को होगा। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश रबी फसलों के थोक मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चल रहे हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
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इस भंडार के कारण भारत में खाद्य कीमतें स्थिर रहेंगी, जिससे आम आदमी की थाली पर महंगाई का असर कम होगा।
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