भारत के 'सोलर किंग' हितेश दोशी ने अमेरिका में सस्ते सोलर पैनल बेचकर बनाई अरबों की संपत्ति
मैकेनिक से बने भारत के 'सोलर किंग', चीन को टक्कर देने बनाया सस्ता सोलर पैनल और अमेरिका को बेचकर बने अरबपति
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हितेश दोशी और उनके भाइयों ने मुंबई में एक छोटी वर्कशॉप से शुरू होकर 'वारी एनर्जीज' नामक सोलर पैनल निर्माण कंपनी बनाई। कंपनी ने अमेरिका में सस्ते सोलर पैनल बेचकर ₹1 लाख करोड़ की वैल्यूएशन हासिल की और चारों भाई अरबपति बने।
- 01हितेश दोशी ने महज ₹5,000 से व्यवसाय शुरू किया।
- 02वारी एनर्जीज की वैल्यूएशन ₹1 लाख करोड़ से अधिक है।
- 03कंपनी की ग्लोबल सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 22.3 GW है।
- 04अक्टूबर 2024 में IPO ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।
- 05हितेश दोशी का लक्ष्य भारत सरकार के 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन के लक्ष्य में योगदान देना है।
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हितेश दोशी (भारतीय उद्यमी) और उनके भाइयों की कहानी एक साधारण वर्कशॉप से शुरू होकर 'वारी एनर्जीज' के निर्माण तक पहुँचती है, जो भारत की सबसे बड़ी सोलर पैनल निर्माता कंपनी बन गई है। हितेश का जन्म महाराष्ट्र के टुंकी गांव में हुआ और उन्होंने मुंबई में पढ़ाई के दौरान ₹5,000 का कर्ज लेकर व्यापार शुरू किया। 2007 में जर्मनी में सौर ऊर्जा की संभावनाओं को देखकर उन्होंने अपने थर्मल इक्विपमेंट व्यवसाय को बेचकर सोलर पैनल निर्माण में कदम रखा। वारी एनर्जीज ने 'मेक इन इंडिया' नीतियों का लाभ उठाते हुए अमेरिका में सस्ते सोलर पैनल बेचे, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन ₹1 लाख करोड़ तक पहुँच गई। 2024 में IPO के बाद, कंपनी की वैल्यूएशन और बढ़ गई और चारों भाई 'फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट 2025' में शामिल हुए। आज, उनकी कुल संपत्ति लगभग 7.5 अरब डॉलर है।
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वारी एनर्जीज की सफलता से भारत में सौर ऊर्जा उद्योग को बढ़ावा मिला है, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
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