सुप्रीम कोर्ट ने कन्नड़ अभिनेता दर्शन की जमानत याचिका खारिज की
कन्नड़ एक्टर दर्शन को झटका, SC ने जमानत देने से किया इनकार
Aaj Tak
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कन्नड़ अभिनेता दर्शन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है, जिसने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने रेणुकास्वामी मर्डर केस में ट्रायल को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें 60 गवाहों की जांच एक साल में पूरी करनी है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले सात महीनों में केवल 10 गवाहों की जांच हुई है, जबकि अभियोजन पक्ष 60 गवाहों को प्राथमिकता से पेश करना चाहता है।
- 02अभियोजन पक्ष ने 272 गवाहों को पेश करने का इरादा जताया है, लेकिन सुनवाई की गति बेहद धीमी है।
- 03दर्शन के वकील ने आरोप लगाया कि उन्हें क्वारंटीन सेल में रखा गया है और अन्य कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा।
- 04राज्य सरकार ने कहा कि दर्शन को कोविड काल के कारण बनाए गए क्वारंटीन सेल में रखा गया है, लेकिन उन्हें अन्य कैदियों से मिलने से नहीं रोका गया।
- 05यदि ट्रायल में एक साल में कोई प्रगति नहीं होती है, तो दर्शन फिर से जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं।
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कन्नड़ अभिनेता दर्शन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिली है, जिससे उनके लिए राहत की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने रेणुकास्वामी मर्डर केस में ट्रायल को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि पिछले सात महीनों में केवल 10 गवाहों की जांच हुई है, जबकि अभियोजन पक्ष को 60 महत्वपूर्ण गवाहों की प्राथमिकता से जांच करनी है। अदालत ने कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया है कि गवाहों की जांच एक साल के भीतर पूरी की जाए और जरूरत पड़ने पर ट्रायल कोर्ट को रोजाना सुनवाई करने की अनुमति दी गई है। दर्शन के वकील मुकुल रोहतगी ने आरोप लगाया कि उन्हें क्वारंटीन सेल में रखा गया है और अन्य कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने कहा कि उन्हें मिलने से नहीं रोका गया है। यदि ट्रायल में एक साल में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अभिनेता दर्शन एक बार फिर जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं।
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इस मामले का निपटारा स्थानीय न्याय व्यवस्था और समाज पर प्रभाव डाल सकता है, खासकर कन्नड़ फिल्म उद्योग में।
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