भारत ने जम्मू-कश्मीर पर बाहरी टिप्पणियों को किया खारिज
जिनका कोई लेना-देना नहीं, वे जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी न करें: भारत की दो टूक

Image: Jagran
भारत ने यूरोपीय यूनियन (ईयू) और पाकिस्तान के बीच हुई वार्ता के बाद जम्मू-कश्मीर के संदर्भ को खारिज करते हुए कहा कि जिनका इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
- 01भारत ने ईयू-पाकिस्तान वार्ता के बाद जम्मू-कश्मीर का उल्लेख खारिज किया।
- 02विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत के रुख को दोहराया।
- 03भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न हिस्से हैं।
- 04पाकिस्तान ने ईयू प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर पर जानकारी दी थी।
- 05भारत ने चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान में भी जम्मू-कश्मीर का उल्लेख खारिज किया।
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भारत ने मंगलवार को यूरोपीय यूनियन (ईयू) और पाकिस्तान के बीच हुई आठवीं रणनीतिक वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख को पूरी तरह से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। यह बयान तब आया जब पाकिस्तान ने ईयू प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर जानकारी दी। इससे पहले, पिछले महीने चीन और पाकिस्तान द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में भी जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किया गया था, जिसे भारत ने खारिज किया था। भारत ने दोहराया कि किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, और संबंधित पक्षों को भारत के रुख के बारे में अच्छी तरह से जानकारी है।
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भारत का यह रुख जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्टता प्रदान करता है।
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