दिल्ली में गर्भावस्था के दौरान ब्लड कैंसर से जूझती महिला ने सुरक्षित डिलीवरी की
5वें महीने में हुआ था ब्लड कैंसर, दिल्ली में हुई सुरक्षित करवाई डिलीवरी
Aaj Tak
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दिल्ली के एक अस्पताल में एक महिला ने गर्भावस्था के दौरान 'एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया' (ALL) से लड़ाई लड़ी और सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों ने मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए सावधानीपूर्वक उपचार योजना बनाई।
- 01महिला को गर्भावस्था के 5वें महीने में ब्लड कैंसर का पता चला।
- 02डॉक्टरों ने मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए विशेष उपचार योजना तैयार की।
- 03इमरजेंसी सीज़ेरियन सेक्शन के जरिए बच्ची का जन्म हुआ।
- 04बच्ची का वजन 1.28 किलोग्राम है और उसकी हालत स्थिर है।
- 05महिला अब अपने कैंसर के आगे के इलाज के लिए तैयार हो रही है।
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दिल्ली के एक अस्पताल में एक महिला ने गर्भावस्था के दौरान 'एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया' (ALL) नामक ब्लड कैंसर से लड़ाई की। जब महिला की प्रेग्नेंसी के पांचवे महीने में कैंसर का पता चला, तो डॉक्टरों ने मां की जान बचाने और गर्भ में पल रहे बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष उपचार योजना बनाई। हेमेटो ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. धर्म चौधरी के नेतृत्व में, डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक कीमोथेरेपी का संचालन किया। गर्भावस्था के 32 हफ्ते और 4 दिन पर, बच्चे के विकास में रुकावट को देखते हुए 7 मई को इमरजेंसी सीज़ेरियन सेक्शन किया गया। बच्ची का वजन 1.28 किलोग्राम है और उसकी हालत स्थिर है। मां अब अपने ल्यूकेमिया के इलाज के लिए तैयार हो रही है। यह मामला चिकित्सकीय रूप से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान कैंसर का इलाज करना दोनों के लिए जोखिम भरा होता है।
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यह मामला गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और कैंसर के इलाज में नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है।
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