भारत में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 13% महिलाओं में मेटास्टेसिस का खतरा
भारत में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 13% महिलाओं में फैला ‘मेटास्टेसिस’

Image: Rudrakshnews
भारत में ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही 13% महिलाओं में मेटास्टेसिस की समस्या पाई गई है। यह अध्ययन 76,356 महिलाओं पर आधारित है और 'द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया' में प्रकाशित हुआ है। मेटास्टेसिस का मुख्य ठिकाना हड्डियाँ हैं, जो 25.1% मामलों में देखी गई है।
- 0176,356 महिलाओं के आंकड़ों पर आधारित अध्ययन में 12.96% महिलाओं में मेटास्टेसिस पाया गया।
- 02हड्डियों में कैंसर फैलने का जोखिम सबसे अधिक है, जो कुल मेटास्टेटिक मामलों का 25.1% है।
- 032009-2014 की तुलना में 2015-2020 के बीच मेटास्टेटिक कैंसर के मामलों में वृद्धि हुई है।
- 04मेटास्टेसिस का संबंध मरीज की उम्र से नहीं, बल्कि ट्यूमर की जैविक बनावट से है।
- 05राष्ट्रीय स्तर पर मेटास्टेटिक स्तन कैंसर के कारकों के बारे में पर्याप्त सबूत अभी भी सीमित हैं।
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भारत में ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित एक नए अध्ययन में पाया गया है कि लगभग 13% महिलाओं में मेटास्टेसिस की समस्या है, जिसका मतलब है कि कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल चुका है। यह अध्ययन 'द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया' में प्रकाशित हुआ है और इसमें 76,356 महिलाओं के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार, मेटास्टेसिस के मामलों में हड्डियों का सबसे अधिक योगदान है, जो कुल मामलों का 25.1% है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि 2015 से 2020 के बीच मेटास्टेटिक कैंसर के मामलों में वृद्धि हुई है। इसके अलावा, यह स्पष्ट किया गया है कि मेटास्टेसिस का संबंध मरीज की उम्र से नहीं, बल्कि ट्यूमर की जैविक बनावट से है। हालाँकि, मेटास्टेटिक स्तन कैंसर के कारकों पर अभी भी अधिक शोध की आवश्यकता है।
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यह अध्ययन ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उपचार के लिए नई दिशा प्रदान कर सकता है।
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