डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस के बढ़ते मामले, 101 पॉजिटिव केस
लौट आया वो खतरनाक वायरस, 11000 लोगों की ली थी जान, फिर आए 101 पॉजिटिव केस

Image: News 18 Hindi
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जहां 900 से अधिक संदिग्ध मामलों में से 101 की पुष्टि हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्थिति को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि हिंसा और खराब स्वास्थ्य सेवाएं संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ा रही हैं।
- 01डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के इतुरी प्रांत में इबोला वायरस के 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
- 02विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
- 03इबोला वायरस ने पहले 2014-2016 में 11,000 से अधिक लोगों की जान ली थी।
- 04इबोला का संक्रमण जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है, खासकर चमगादड़ और बंदरों के माध्यम से।
- 05स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और हिंसा के कारण संक्रमित मरीजों की पहचान में कठिनाई हो रही है।
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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि देश में 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। स्थिति गंभीर है, खासकर इतुरी प्रांत में, जहां हिंसा और संघर्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयेसस ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों और राहत एजेंसियों का काम कठिन हो गया है, जिससे संक्रमित मरीजों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। 16 मई को, डब्ल्यूएचओ ने डीआरसी और युगांडा में इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। इबोला वायरस जंगली जानवरों से फैलता है और पहले भी 2014-2016 के दौरान 11,000 से अधिक लोगों की मौत का कारण बना था।
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डीआरसी में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
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