झारखंड हाई कोर्ट ने पुलिस हिरासत में मौत के मामले में डॉक्टरों को तलब किया
Police Custody Death: हाई कोर्ट ने एमएमसीएच के डॉक्टरों को किया तलब, रजिस्टर के साथ पेश होने का आदेश
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झारखंड हाई कोर्ट ने पलामू पुलिस की हिरासत में महफूज अहमद की मौत के मामले में चिकित्सा दस्तावेजों में संभावित हेरफेर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों को अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है, जिसमें उन्हें मूल ड्यूटी रजिस्टर लाने के लिए कहा गया है।
- 01महफूज अहमद की पुलिस हिरासत में मौत का मामला गंभीर है।
- 02हाई कोर्ट ने डॉक्टरों को व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया।
- 03चिकित्सा दस्तावेजों में तारीखों के साथ छेड़छाड़ का संदेह।
- 04अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
- 05पुलिस हिरासत में यातना देने का आरोप है।
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झारखंड हाई कोर्ट ने पलामू पुलिस की हिरासत में युवक महफूज अहमद की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने चिकित्सा दस्तावेजों में संभावित हेरफेर और पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए। अदालत ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH) के सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट और ड्यूटी डॉक्टर को अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया है। इन सभी को अपने साथ मूल ड्यूटी रजिस्टर लाने के लिए कहा गया है ताकि घटना के समय की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि 1 से 4 मार्च 2025 के बीच महफूज अहमद के साथ पुलिस हिरासत में बर्बरता की गई। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि चोटों को छिपाने के लिए इलाज गुपचुप तरीके से कराया गया और मेडिकल दस्तावेजों में तारीखों के साथ छेड़छाड़ की गई। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की है।
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इस मामले की सुनवाई से स्थानीय पुलिस और चिकित्सा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, जो नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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