15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ ने एक दिन के लिए संभाला जिला कलेक्टर का पद
शरीर ने साथ छोड़ा, हौसलों ने नहीं; 15 साल के गर्वित ने एक दिन के लिए संभाली कलेक्टर की कुर्सी, नम हुईं आंखें

Image: News 18 Hindi
डीडवाना में 15 वर्षीय गर्वित रेवाड़, जो डीएमडी बीमारी से जूझ रहा है, ने एक दिन के लिए जिला कलेक्टर की कुर्सी संभाली। उसने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया और अपनी कहानी से युवाओं को प्रेरित किया।
- 01गर्वित रेवाड़ ने 10वीं में 82.83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
- 02उसे एक दिन के लिए जिला कलेक्टर बनाया गया, जहां उसने अधिकारियों से जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
- 03गर्वित की कहानी ने साबित किया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद हौसला और मेहनत से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
- 04गर्वित ने एक दिन के अवकाश की घोषणा की, जिस पर कर्मचारियों ने तालियां बजाईं।
- 05डीडवाना का जिला प्रशासन गर्वित की संघर्ष गाथा को युवाओं के लिए प्रेरणा मानता है।
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डीडवाना में 15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ ने एक दिन के लिए जिला कलेक्टर की कुर्सी संभाली, जो गंभीर जेनेटिक बीमारी ड्यूशेन्स मस्कुलर डिस्टॉफी (डीएमडी) से जूझ रहा है। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा की पहल पर गर्वित ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक ली और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। गर्वित ने 10वीं में 82.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं और उसका सपना आईएएस बनने का है। उसने अपने आत्मविश्वास और हौसले से सभी को प्रभावित किया, यह संदेश देते हुए कि जीवन में कठिनाइयों के बावजूद हार नहीं माननी चाहिए। गर्वित की यह यात्रा न केवल उसके लिए, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। प्रशासन की इस पहल ने साबित किया कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती और मजबूत इरादों के सामने परिस्थितियां छोटी पड़ जाती हैं।
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गर्वित की कहानी ने डीडवाना में युवाओं को प्रेरित किया है कि वे कठिनाइयों का सामना करें और अपने सपनों का पीछा करें।
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