15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ बने एक दिन के कलेक्टर, शारीरिक अक्षमता को किया पार
अदम्य साहस और जज्बे की अद्भुत मिसाल: शारीरिक अक्षमता को मात देकर 15 साल का गर्वित बना एक दिन का कलेक्टर

Image: Globalherald
राजस्थान के डीडवाना में 15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ को एक दिन के लिए जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया। गर्वित, जो 'ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी' से जूझ रहे हैं, ने 82.83% अंक प्राप्त कर अपनी कड़ी मेहनत और साहस का परिचय दिया।
- 01गर्वित रेवाड़ को एक दिन के लिए कलेक्टर नियुक्त किया गया, जो 'ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी' से पीड़ित हैं।
- 02गर्वित ने कक्षा 10वीं में 82.83% अंक प्राप्त किए, जबकि उन्हें लिखने के लिए स्क्राइब की मदद लेनी पड़ी।
- 03जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने गर्वित का स्वागत किया और उन्हें सरकारी सम्मान दिया।
- 04गर्वित ने जन-शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
- 05इस पहल का उद्देश्य समाज को प्रेरित करना था कि शारीरिक अक्षमता के बावजूद सपनों को पूरा किया जा सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
राजस्थान के डीडवाना में 15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ को एक दिन के लिए जिला कलेक्टर बनाया गया। गर्वित, जो 'ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी' जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, ने हाल ही में कक्षा 10वीं में 82.83% अंक प्राप्त कर सभी को चौंका दिया। उन्हें लिखने में कठिनाई होने के कारण एक लेखक की सहायता लेनी पड़ी। गर्वित का स्वागत जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने किया, जिन्होंने उन्हें सम्मानित किया और गर्वित ने अधिकारियों के साथ जन-शिकायतों पर चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना था कि अगर इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक अक्षमता भी सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बन सकती। गर्वित की कहानी अब हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
Advertisement
In-Article Ad
गर्वित की कहानी ने युवाओं को प्रेरित किया है कि वे अपनी सीमाओं को पार कर सकते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





