वनतारा का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर स्वागत, CEO ने कहा - यह सच्चाई की जीत है
वनतारा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, CEO बोले- यह फैसला सच्चाई की दोबारा जीत

Image: News 18 Hindi
वनतारा ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया, जिसमें उसके वन्यजीव संरक्षण कार्यों को कानूनी और नैतिक माना गया। कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जानवरों का अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर CITES के नियमों के अनुसार किया गया है। CEO विवान करणी ने इसे सच्चाई की जीत बताया।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा के वन्यजीव संरक्षण कार्यों को कानूनी और नैतिक माना है।
- 02कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जानवरों का ट्रांसफर CITES के नियमों के अनुसार हुआ।
- 03वनतारा के CEO विवान करणी ने फैसले को सच्चाई की जीत बताया।
- 04सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जानवरों की वर्तमान स्थिर जिंदगी को बाधित करना क्रूरता हो सकता है।
- 05कोर्ट ने पहले की जांच रिपोर्ट को सही मानते हुए नई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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नई दिल्ली में वनतारा ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें कोर्ट ने उसके वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को पूरी तरह से कानूनी और नैतिक माना है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जानवरों का एक देश से दूसरे देश में ट्रांसफर गलत तरीके से किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी ट्रांसफर CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora) के नियमों के अनुसार किए गए हैं। वनतारा के CEO विवान करणी ने कहा कि यह फैसला उनके काम की निष्पक्षता को मान्यता देता है और यह सच्चाई की जीत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन जानवरों को कानूनी रूप से लाया गया है, उनकी स्थिर जिंदगी को बाधित करना क्रूरता हो सकता है। इसके अलावा, कोर्ट ने पहले की जांच रिपोर्ट को सही मानते हुए नई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वनतारा के संरक्षण कार्यों को कानूनी मान्यता देता है, जिससे जानवरों के संरक्षण में और अधिक समर्थन मिलेगा।
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