चंदेरी झील पर अवैध खनन का मामला, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
चंदेरी झील पर माफियाओं का कब्जा, जल संरक्षण अभियान के नाम पर खुलेआम खनन

Image: Globalherald
मध्यप्रदेश के चंदेरी झील में अवैध खनन का मामला सामने आया है, जहां माफिया जल संरक्षण अभियान के नाम पर कोपरा निकाल रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई न होने से यह गतिविधि बढ़ती जा रही है, जबकि अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया है।
- 01चंदेरी झील में माफिया अवैध रूप से कोपरा निकाल रहे हैं, जबकि सरकार अवैध खनन रोकने के दावे कर रही है।
- 02प्रशासन के अधिकारियों की फटकार के बावजूद माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
- 03स्थानीय पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गहरीकरण का काम किया जा रहा है।
- 04जिला खनिज अधिकारी ने अवैध खनन की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन जांच का आश्वासन दिया।
- 05स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग की मौन स्वीकृति से यह अवैध खनन चल रहा है।
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मध्यप्रदेश में चंदेरी झील पर अवैध खनन का मामला सामने आया है, जहां माफिया जल संरक्षण अभियान के नाम पर कोपरा निकालने में जुटे हैं। अचारपुरा-डोबरा रोड पर स्थित कुठार की चंदेरी झील में पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर मिट्टी और कोपरा निकाला जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग की मौन स्वीकृति के चलते यह अवैध काम बेखौफ चल रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर और कमिश्नरों को फटकार लगाई है, लेकिन माफियाओं के हौसले कम नहीं हो रहे हैं। जिला खनिज अधिकारी एमएस रावत ने अवैध खनन की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है, तो एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी जो मामले की जांच करेगी। प्रशासन की कार्रवाई कब होगी, यह देखना बाकी है।
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चंदेरी झील का अवैध खनन जल संरक्षण के प्रयासों को कमजोर कर रहा है और स्थानीय पारिस्थितिकी को प्रभावित कर सकता है।
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