सीएम योगी का पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों के लिए संदेश: प्रकृति पूजा है ईश्वर की उपासना
'सनातन में प्रकृति पूजा ही ईश्वर की उपासना'... पर्यावरण दिवस पर CM योगी ने लिखी प्रदेशवासियों को पाती

Image: Zee News
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को पत्र लिखकर जल, वन और भूमि के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने सनातन संस्कृति में प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं से नदियों के जीर्णोद्धार और वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
- 01सीएम योगी ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर एक विशेष पत्र लिखा है।
- 02पत्र में प्रकृति के संरक्षण के लिए जल, वन और भूमि की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।
- 03उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
- 04सीएम ने युवाओं से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
- 05हर नागरिक को अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी लेने की सलाह दी गई है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए एक विशेष पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने सनातन संस्कृति में प्रकृति के महत्व को उजागर करते हुए जल, वन और भूमि के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे लिए प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। सीएम ने बताया कि हमारी संस्कृति में वृक्ष केवल वनस्पति नहीं, बल्कि जीवन और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। उन्होंने रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 12 होने की जानकारी दी और युवाओं से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि हर नागरिक अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे। यह कदम एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में जल और वन संसाधनों का संरक्षण होगा।
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