मुख्यमंत्री ने नक्सली दंपति की दुकान पर जाकर सुनी संघर्ष की कहानी
काफिला रोक अकेले किराने की दुकान पहुंचे सीएम, पानी की बोतल खरीदी, दुकानदार ने सुनाई संघर्ष की कहानी तो हो गए भावुक
Image: Nbt Navbharattimes
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक किराना दुकान पर जाकर नक्सली दंपति मासा तामो और जयमोती की संघर्ष कहानी सुनी। दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया और अब सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं।
- 01मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले के कोण्डापल्ली गांव में एक किराना दुकान का दौरा किया।
- 02मासा तामो और जयमोती ने नक्सली संगठन से जुड़ने के बाद 2021 में विवाह किया और 2025 में आत्मसमर्पण किया।
- 03दोनों को पुनर्वास केंद्र में अक्षर ज्ञान और कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला।
- 04जयमोती को महिला एवं बाल विकास विभाग से एक लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने दुकान शुरू की।
- 05सीएम ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी बदलते बस्तर का प्रतीक है।
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक किराना दुकान का दौरा किया, जो नक्सली दंपति मासा तामो और जयमोती की है। दोनों ने अपने संघर्षों के बाद 2025 में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान, उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी कठिनाइयों और बदलाव की कहानी सुनाई। पुनर्वास केंद्र में उन्हें शिक्षा और कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला, जिसके बाद जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण भी मिला, जिससे उन्होंने दुकान खोली। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहानी केवल दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की है, जो यह दर्शाती है कि सही अवसर और सहयोग से कोई भी व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सकता है।
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दंपति की कहानी ने स्थानीय समुदाय में आत्मनिर्भरता की प्रेरणा दी है।
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