सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के लिए 3 महीने की समय-सीमा तय की, 15 महीने बाद सुनाया फैसला
जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के लिए 3 महीने की समय-सीमा तय की, उसी दिन 15 महीने से सुरक्षित रखा अपना फैसला सुनाया
Image: Nbt Navbharattimes
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में 15 महीने बाद फैसला सुनाया, जबकि उसी दिन हाईकोर्ट के लिए 3 महीने की समय-सीमा तय की गई। यह मामला 1984 में शुरू हुआ था, जब दो शव मिले थे, जिनकी पहचान एक ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर के रूप में हुई थी।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के लिए सुरक्षित फैसलों पर 3 महीने की समय सीमा तय की है।
- 02दिल्ली में 1984 के दोहरे हत्याकांड में 2009 में सत्र न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराया था।
- 03दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2013 में दोषियों की अपीलें खारिज कर दी थीं।
- 04एक दोषी, गोपी चंद उर्फ पप्पू ने 2013 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी।
- 05न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और मनोज मिश्रा की पीठ ने 27 फरवरी 2022 को अंतिम दलीलें सुनीं।
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नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिल्ली के 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में 15 महीने बाद अपना फैसला सुनाया। यह फैसला उस दिन आया जब सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट्स के लिए सुरक्षित फैसलों पर 3 महीने की समय-सीमा निर्धारित की। यह मामला जुलाई 1984 में शुरू हुआ, जब सिविल लाइंस और अलीपुर में दो शव मिले थे, जिनकी पहचान एक ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर के रूप में हुई थी। दिल्ली पुलिस ने दो सप्ताह के भीतर संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उन पर हत्या और ट्रक चोरी का आरोप लगाया। 2008 में इन मामलों की सुनवाई एक साथ की गई, और 2009 में सत्र न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद, 2013 में उच्च न्यायालय ने उनकी अपीलें खारिज कर दीं। अब, सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने की डेडलाइन तय करके न्याय में हो रही देरी को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
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