सुप्रीम कोर्ट ने 15 महीने बाद सुनाया दोहरे हत्याकांड का फैसला, हाई कोर्ट के लिए तय की 3 महीने की डेडलाइन
जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने HC के लिए तय की 3 महीने की डेडलाइन, उसी दिन सुनाया 15 महीने से सुरक्षित रखा फैसला

Image: Jagran
सुप्रीम कोर्ट ने एक 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड के मामले में 15 महीने बाद फैसला सुनाया। इसी दिन, अदालत ने हाई कोर्ट को निर्णय सुनाने के लिए तीन महीने की समय सीमा भी निर्धारित की। दोषियों को उम्रकैद की सजा को घटाकर 18 साल की जेल में बदल दिया गया है।
- 011984 में दिल्ली में दो लाशें मिली थीं, जिनकी पहचान ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर के रूप में हुई।
- 02सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में सेशंस कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को घटाकर 18 साल की सजा में बदल दिया।
- 03जस्टिस मनोज मिश्रा ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि पांच लोगों ने मिलकर ट्रक चुराने की साजिश रची थी।
- 04सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की है ताकि वे सुरक्षित रखे गए फैसलों को जल्द सुनाएं।
- 05इस फैसले के साथ ही संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की भी पुष्टि हुई।
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड के मामले में 15 महीने बाद फैसला सुनाया। यह मामला जुलाई 1984 में दिल्ली के सिविल लाइंस और अलीपुर में दो लाशों की बरामदगी से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि पांच लोगों ने मिलकर ट्रक चुराने की साजिश रची और इसके लिए ड्राइवर और हेल्पर की हत्या की। दोषियों को पहले उम्रकैद की सजा दी गई थी, जिसे अब घटाकर 18 साल की जेल में बदल दिया गया है। इस फैसले के साथ, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को सुरक्षित रखे गए फैसलों को तीन महीने के भीतर सुनाने की समय सीमा भी निर्धारित की है। जस्टिस मनोज मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की पुष्टि करता है।
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सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से न्याय प्रणाली में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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