चीन ने सऊदी अरब से कच्चे तेल की खरीद में की कमी, जानें कारण
सस्ते तेल की ताक में थीं चीनी रिफाइनरियां! नहीं माना सऊदी तो उठाया ये कदम
Aaj Tak
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चीन ने सऊदी अरब से कच्चे तेल की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर कम कर दी है, जिसका मुख्य कारण तेल की बढ़ती कीमतें हैं। जून के लिए चीन ने सऊदी से केवल 1 करोड़ बैरल तेल का ऑर्डर दिया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है।
- 01चीन ने सऊदी अरब से तेल की खरीद में कमी की है।
- 02जून के लिए केवल 1 करोड़ बैरल का ऑर्डर दिया गया।
- 03तेल की कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण है।
- 04अन्य एशियाई खरीदारों को लाभ हो सकता है।
- 05भारत भी सऊदी अरब से कच्चे तेल का बड़ा खरीदार है।
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चीन ने सऊदी अरब से कच्चे तेल की खरीद में रिकॉर्ड कमी की है, जो जून के लिए केवल 1 करोड़ बैरल तक सीमित हो गई है। यह कमी मुख्य रूप से तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई है। सऊदी अरब ने जून के लिए तेल का आधिकारिक बिक्री मूल्य 15.50 डॉलर प्रति बैरल प्रीमियम तय किया, जो पिछले महीने के 19.50 डॉलर से कम है। चीन की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनियों ने सस्ते तेल की तलाश में सऊदी से खरीद घटा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि चीन को कम सप्लाई होने से एशिया के अन्य खरीदारों को फायदा हो सकता है। भारत, जो सऊदी से हर दिन 6 लाख 85 हजार बैरल तेल खरीदता है, भी इस स्थिति से प्रभावित हो सकता है।
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चीन की सऊदी से कम तेल खरीदने से एशिया के अन्य देशों को अधिक तेल मिल सकता है, जिससे भारत जैसे खरीदारों को सप्लाई में बदलाव देखने को मिल सकता है।
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