कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी, ईरान युद्ध का असर
Crude Oil Price: ईरान युद्ध की भेंट चढ़ गया 1 अरब बैरल कच्चा तेल, बाजार खुलते ही ₹300 चढ़ गई कीमत
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक की वृद्धि हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति न बनने से स्थिति और गंभीर हो गई है। सऊदी अरामको के सीईओ ने बताया कि 1 अरब बैरल कच्चा तेल ईरान युद्ध की भेंट चढ़ गया है।
- 01कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक की वृद्धि हुई है।
- 02अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी।
- 03सऊदी अरामको के सीईओ ने बताया कि 1 अरब बैरल कच्चा तेल बर्बाद हुआ।
- 04पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
- 05भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं आया है।
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पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक की वृद्धि हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति न बनने से स्थिति और गंभीर हो गई है। सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने कहा कि पिछले दो महीनों में 1 अरब बैरल कच्चा तेल ईरान युद्ध की भेंट चढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आई है। इस समय ब्रेंट क्रूड की कीमत 104.7 डॉलर प्रति बैरल और यूएस वेस्ट टेकस इंटरमीडिएट की कीमत 99.09 डॉलर प्रति बैरल है। भारत में, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर महीने लगभग ₹30,000 करोड़ का घाटा हो रहा है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में बढ़ोतरी से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं।
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कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
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