दिल्ली में यमुना की सफाई के लिए बायोगैस संयंत्र का निर्माण
स्वच्छ दिल्ली के लिए बड़ा कदम, यमुना को गंदगी से बचाएगा बायोगैस प्लांट; 1500 डेयरियां बनाएंगी 'ग्रीन गैस'
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दिल्ली नगर निगम ने यमुना नदी की सफाई के लिए गोयला डेयरी में 200 मिट्रिक टन क्षमता का बायोगैस संयंत्र बनाने की योजना बनाई है। यह संयंत्र 1500 डेयरियों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण करेगा, जिससे यमुना में गंदगी कम होगी और स्थानीय निवासियों को स्वच्छता का लाभ मिलेगा।
- 01गोयला डेयरी में बायोगैस संयंत्र का निर्माण यमुना की सफाई के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
- 021500 डेयरियों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
- 03महापौर ने निर्माण कार्य की समय सीमा जुलाई तक निर्धारित की है।
- 04इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को गंदगी और बदबू से राहत मिलेगी।
- 05नंगली सकरावती प्लांट के सफल मॉडल को आगे बढ़ाया जाएगा।
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दिल्ली नगर निगम ने यमुना नदी को गंदगी से बचाने और दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने के लिए गोयला डेयरी में 200 मिट्रिक टन क्षमता का बायोगैस संयंत्र बनाने की योजना बनाई है। महापौर प्रवेश वाही ने इस परियोजना को यमुना की स्वच्छता के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। नजफगढ़ जोन के नंगली और गोयला क्षेत्रों में लगभग 1500 डेयरियों का कचरा अब तक सीधे यमुना में गिरता रहा है। गोयला संयंत्र के शुरू होने से इस गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा, जिससे यमुना में गंदगी की समस्या का समाधान होगा। महापौर ने निर्माण कार्य को जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं और स्थानीय निवासियों को गंदगी और बदबू से स्थायी मुक्ति का आश्वासन दिया है।
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इस बायोगैस संयंत्र के निर्माण से यमुना नदी में गंदगी की मात्रा कम होगी, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वच्छता का लाभ मिलेगा।
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