बेल के गूदा से कैंसर की सस्ती दवा विकसित करने की दिशा में पटना के वैज्ञानिकों का शोध
बेल के गूदा से बनेगी कैंसर की सस्ती दवा, पटना के वैज्ञानिकों का दावा, चूहों में ट्यूमर हुआ खत्म, रिसर्च नेचर जर्नल में प्रकाशित
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
पटना, बिहार के वैज्ञानिकों ने बेल के गूदे में कैंसररोधी तत्वों की खोज की है, जो चूहों में स्तन कैंसर के ट्यूमर को खत्म करने में सफल रहे हैं। इस शोध के सकारात्मक परिणामों से कैंसर की महंगी दवाओं की लागत कम करने की उम्मीद है।
- 01बेल के गूदे में कैंसररोधी तत्व पाए गए हैं।
- 02चूहों पर परीक्षण में ट्यूमर का आकार सिकुड़ गया।
- 03शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
- 04अगला चरण मानव परीक्षण का होगा।
- 05यदि सफल रहा, तो कैंसर की दवाओं की लागत में कमी आ सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
पटना, बिहार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में एक शोध में पाया गया है कि बेल के गूदे में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं। इस शोध के तहत चूहों पर प्रयोग किया गया, जिसमें उन्हें एक विशेष केमिकल दिया गया जिससे उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हुआ। बेल के गूदे का सेवन करने के बाद चूहों में ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और अंततः ट्यूमर पूरी तरह समाप्त हो गया। इस शोध के परिणामों को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में प्रकाशित किया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक मौजूद हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं। वर्तमान में कैंसर की दवाएं महंगी होती हैं, और यदि इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित होता है, तो यह ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत को कम कर सकता है। आगे की प्रक्रिया में बेल के पल्प के मॉलिक्यूल को आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण किया जाएगा।
Advertisement
In-Article Ad
यदि शोध सफल होता है, तो इससे कैंसर के इलाज की लागत में कमी आएगी, जिससे अधिक लोगों को सस्ती दवाएं मिल सकेंगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बेल के गूदे से बनी दवा कैंसर के इलाज में प्रभावी होगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



