पूर्णिया में तेंदुए की दहशत से कृषि कार्य प्रभावित, किसान चिंतित
पूर्णिया में तेंदुए की मौत के बाद नए पंजे के निशान से दहशत, हजारों एकड़ की खेती हो रही प्रभावित

Image: Ndtv
पूर्णिया जिले के चकला मोड़ बहियार में एक तेंदुए की मौत के बाद नए पंजे के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। तेंदुए के आतंक के कारण लगभग 1000 एकड़ में मक्का की खेती प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
- 01पूर्णिया जिले के चकला मोड़ बहियार में तेंदुए के पंजे के निशान मिले हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
- 02स्थानीय किसानों ने तेंदुए के आतंक के कारण मक्का की फसल काटने से मना कर दिया है, जिससे 150 एकड़ में खड़ी फसल प्रभावित हो रही है।
- 03तेंदुए की मौत के बाद वन विभाग ने ड्रोन और पिंजरे का उपयोग करके नए तेंदुए की खोज शुरू की है।
- 04पूर्णिया बिहार का सबसे बड़ा मक्का उत्पादक केंद्र है, जहां मक्का और केला प्रमुख नगदी फसलें हैं।
- 05यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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पूर्णिया जिले के चकला मोड़ बहियार में एक तेंदुए की मौत के बाद नए पंजे के निशान मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। पहले एक तेंदुए को ग्रामीणों ने मार डाला था, लेकिन अब तेंदुए के पंजे के निशान ने किसानों को चिंतित कर दिया है। तेंदुए के आतंक के कारण लगभग 1000 एकड़ में मक्का की खेती प्रभावित हो रही है, जिसमें से 150 एकड़ में फसल खड़ी है। तेंदुए के डर से मजदूर फसल काटने से मना कर रहे हैं, जिससे किसानों को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। वन विभाग ने तेंदुए की खोज के लिए आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो मक्का और केला फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
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तेंदुए के आतंक के कारण किसानों को मक्का की फसल काटने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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