पटना में बापू टावर ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, 'जब नदी जागी' वृत्तचित्र का प्रदर्शन
'साज-ए-फिजा' की धुन और 'जब नदी जागी' का संदेश: पटना में बापू टावर ने मनाया पर्यावरण उत्सव

Image: Zee News
पटना में बापू टावर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'जब नदी जागी' वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने लखनदेई नदी के पुनर्जीवन पर चर्चा की और सांस्कृतिक प्रस्तुति 'साज-ए-फिजा' का आयोजन किया। 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
- 01कार्यक्रम का आयोजन 5 जून 2026 को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के क्षेत्रीय कार्यालय, पटना में हुआ।
- 02दीपेश चंद्र द्वारा निर्देशित वृत्तचित्र 'जब नदी जागी' में लखनदेई नदी के पुनर्जीवन की कहानी दिखाई गई।
- 03कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता रामशरण अग्रवाल, आशा प्रभात और प्रोफेसर आनंद किशोर ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार साझा किए।
- 04सांस्कृतिक खंड में राजीव सिन्हा द्वारा प्रस्तुत अर्ध-शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम 'साज-ए-फिजा' ने गहराई से प्रभावित किया।
- 05कार्यक्रम ने पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने और सामूहिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखा।
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बिहार की राजधानी पटना में बापू टावर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 'जब नदी जागी' नामक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। यह वृत्तचित्र लखनदेई नदी के पुनर्जीवन की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाता है, जिसमें स्थानीय समुदायों और हितधारकों के प्रयासों को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें शिक्षाविद, पर्यावरणविद, और संस्कृति प्रेमी शामिल थे। विचार-विमर्श सत्र में प्रख्यात वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का सांस्कृतिक आकर्षण 'साज-ए-फिजा' संगीत कार्यक्रम रहा, जिसने पर्यावरणीय संतुलन और शांति के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस पहल ने पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के संरक्षण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित किया।
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कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।
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