सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विज्ञान परिणाम पर उठे सवाल, शिक्षा विभाग की समीक्षा की आवश्यकता
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रिजल्ट पर उठे सवाल; स्मार्ट क्लास के बावजूद पिछड़ रहे विज्ञान के छात्र
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झारखंड के हजारीबाग में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विज्ञान संकाय के परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहे हैं, जिसमें कई छात्रों को कंपार्टमेंट मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आधुनिक सुविधाओं से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलती, और शिक्षा विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।
- 01सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विज्ञान संकाय का परिणाम 65.08% रहा, जो अपेक्षित से कम है।
- 02कई छात्रों को कंपार्टमेंट मिला है, जिससे शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ी है।
- 03विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आधारभूत संरचना से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित नहीं होती।
- 04अभिभावकों की निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं कि वह सुधारात्मक कदम उठाएगा या नहीं।
- 05कला और कॉमर्स संकाय में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है।
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झारखंड के हजारीबाग में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (एसओई) के विज्ञान संकाय के परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहे हैं। चुरचू कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान का परिणाम केवल 65.08% रहा, जिसमें 63 छात्राओं में से 41 सफल हुईं। कई छात्रों को कंपार्टमेंट मिला है, जिससे शिक्षा विभाग और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आधुनिक संसाधनों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित नहीं होती; नियमित शैक्षणिक मॉनिटरिंग और प्रयोगात्मक शिक्षा की आवश्यकता है। कला संकाय में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है, जहां 89.58% छात्राएं सफल हुईं। अब शिक्षा विभाग पर सभी की निगाहें हैं कि वह इन परिणामों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाएगा या नहीं।
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यदि शिक्षा विभाग समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो छात्रों की भविष्य की शिक्षा प्रभावित हो सकती है।
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