वीसीके: तमिलनाडु की राजनीति में दलितों की आवाज से किंगमेकर बनने की यात्रा
तमिलनाडु की सत्ता की चाबी बना VCK, दलित राजनीति से किंगमेकर तक का सफर
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
वीडुथलाई चिरुथइगल काची (वीसीके) ने तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व में, यह पार्टी अब केवल एक सहयोगी दल नहीं, बल्कि सत्ता समीकरण तय करने वाली ताकत बन गई है। वीसीके ने सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों की राजनीति को केंद्र में रखते हुए कई चुनावों में सफलता हासिल की है।
- 01वीसीके ने 1999 में चुनावी राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे एक महत्वपूर्ण दलित राजनीतिक आवाज बन गई।
- 02पार्टी ने विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है, विशेषकर डीएमके के साथ।
- 03थिरुमावलवन की नेतृत्व शैली और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता ने पार्टी को मजबूती प्रदान की है।
- 042024 के लोकसभा चुनाव में वीसीके ने दो सांसद चुनकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।
- 05पार्टी को अब शासन और विकास के मुद्दों पर अपनी विश्वसनीयता मजबूत करनी होगी।
Advertisement
In-Article Ad
वीडुथलाई चिरुथइगल काची (वीसीके) ने तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व में, यह पार्टी अब केवल एक सहयोगी दल नहीं, बल्कि सत्ता समीकरण तय करने वाली एक प्रमुख ताकत बन गई है। 1999 में चुनावी राजनीति में कदम रखने के बाद, वीसीके ने कई चुनावों में सफलता हासिल की है, जिसमें 2001 के विधानसभा चुनाव में डीएमके के साथ पहली बड़ी जीत शामिल है। पार्टी ने 2009 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया, जिससे उसे राष्ट्रीय पहचान मिली। वीसीके ने दलित, मुस्लिम और पिछड़े वर्ग के बीच एक साझा सामाजिक गठजोड़ बनाने की कोशिश की है। वर्तमान में, तमिलनाडु में त्रिशंकु हालात के बीच, वीसीके का समर्थन सरकार गठन में निर्णायक बन गया है। हालांकि, पार्टी को अब शासन और विकास के मुद्दों पर अपनी विश्वसनीयता को मजबूत करने की आवश्यकता है।
Advertisement
In-Article Ad
वीसीके की बढ़ती राजनीतिक ताकत से दलित समुदाय और अन्य सामाजिक समूहों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों की उम्मीद बढ़ी है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि वीसीके को सत्ता में अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




