राजस्थान के लक्षित परमार बने 10वीं के टॉपर, शारीरिक चुनौतियों को पार कर हासिल की सफलता
Success Story: ‘हाथ-पैर कमजोर पर इरादे मजबूत...’, 10वीं में 100% लाकर बने टाॅपर, गोद में स्कूल ले जाते हैं पिता
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लक्षित परमार, जो सेरेब्रल पाल्सी से जूझते हैं, ने राजस्थान बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 100% अंक प्राप्त कर टॉप किया है। उनके पिता रोजाना उन्हें गोद में उठाकर स्कूल ले जाते हैं, जो उनकी सफलता का मुख्य आधार है। यह कहानी प्रेरणा और संघर्ष की मिसाल है।
- 01लक्षित परमार ने 10वीं में 100% अंक प्राप्त कर टॉप किया।
- 02वे सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हैं।
- 03पिता ने उन्हें गोद में उठाकर स्कूल ले जाने का काम किया।
- 04लक्षित की सफलता का राज उनकी सेल्फ स्टडी और अनुशासन है।
- 05राजस्थान शिक्षा विभाग ने उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
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लक्षित परमार, जो राजस्थान के उदयपुर के निवासी हैं, ने राजस्थान बोर्ड की 10वीं परीक्षा में दिव्यांग (CWSN) श्रेणी में 100% अंक प्राप्त कर टॉप किया है। लक्षित, जो सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हैं, ने साबित किया है कि शारीरिक सीमाएं प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं। उनके पिता, दिनेश परमार, जो एक दुकान चलाते हैं, रोजाना उन्हें गोद में उठाकर स्कूल ले जाते हैं। लक्षित की सफलता का मुख्य आधार उनकी 5 से 6 घंटे की सेल्फ स्टडी और अनुशासित दिनचर्या है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। राजस्थान शिक्षा विभाग ने उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है, और लक्षित की कहानी हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
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लक्षित की सफलता से अन्य छात्रों को प्रेरणा मिलेगी कि वे भी कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।
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