भिखारी निकला मेडिकल छात्र: मुंबई में परिवार से मिला
गर्म पानी से नहलाया, खाना खिलाया और फिर... भिखारी निकला मेडिकल स्टूडेंट; पुलिस ने परिवार से कराया मिलन

Image: Jagran
मुंबई में एक 20 वर्षीय युवक, जो भिखारी समझा गया था, असल में नांदेड़ का मेडिकल छात्र अभय निकला। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह अपने परिवार से बिछड़ गया था। पुलिस ने उसकी पहचान की और परिवार से मिलवाने में मदद की।
- 01अभय, जो होम्योपैथी का तीसरा साल का छात्र है, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था।
- 02वह अपने परिवार से लगभग डेढ़ महीने पहले बिना बताए घर से चला गया था।
- 03पुलिस ने उसे गर्म पानी से नहलाया और खाना खिलाकर उसकी स्थिति को बेहतर किया।
- 04अभय के पिता एक शिक्षक हैं और उसका बड़ा भाई सरकारी अस्पताल में डॉक्टर है।
- 05पुलिस ने अभय के परिवार से संपर्क कर उन्हें मुंबई बुलाया, जहां पिता ने बेटे को देखकर रोना शुरू कर दिया।
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मुंबई में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक 20 वर्षीय युवक, जिसे भिखारी समझा गया था, असल में नांदेड़ जिले का मेडिकल छात्र अभय निकला। पुलिस ने उसे एसवी रोड पर देखा, जहां वह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण परेशान था। पुलिस ने उसे गर्म पानी से नहलाकर और खाना खिलाकर उसकी स्थिति को बेहतर बनाया। अभय ने बताया कि वह होम्योपैथी का तीसरा साल का छात्र है और पिछले कुछ महीनों से अपने परिवार से बिछड़ गया था। उसने ट्रेन यात्रा के दौरान अपना बैग खो दिया था, जिसमें उसके परिवार का पता था। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह भीख मांगने लगा। पुलिस ने उसकी पहचान की और उसके परिवार से संपर्क किया। अभय के पिता, जो एक शिक्षक हैं, और उसका बड़ा भाई, जो एक डॉक्टर है, ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया। जैसे ही अभय का परिवार मुंबई पहुंचा, पिता ने बेटे को देखकर भावुक होकर रोना शुरू कर दिया। यह घटना भिखारियों के पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान का हिस्सा है।
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इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और पुलिस की पुनर्वास मुहिम की सफलता को दर्शाया है।
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