दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने पर विभागीय जिम्मेदारी का विवाद
दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने का विवाद बढ़ा, PWD ने एनजीटी से कहा- सफाई और कार्रवाई MCD का काम
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दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने से उत्पन्न गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने सफाई और अवैध विक्रेताओं पर कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम पर डाली है।
- 01पीडब्ल्यूडी ने एनजीटी में कबूतरों की गंदगी की जिम्मेदारी से इनकार किया।
- 02कबूतरों को दाना खिलाने से सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैल रही है।
- 03नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अवैध दाना विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है।
- 04एनडीएमसी ने कबूतरों को दाना खिलाने वाले स्थानों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की।
- 05स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
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दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने से उत्पन्न गंदगी और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में स्पष्ट किया है कि यह उनका कार्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने से गंदगी फैल रही है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल सड़कों का रखरखाव और मरम्मत करना है, जबकि सफाई और अवैध दाना विक्रेताओं पर कार्रवाई नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने इस मुद्दे पर कार्रवाई करते हुए कई चालान जारी किए हैं और जागरूकता अभियान भी चला रही है। जनवरी से मार्च के बीच एनडीएमसी ने 76 चालान जारी किए हैं।
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इस विवाद का सीधा असर दिल्ली के निवासियों पर पड़ रहा है, क्योंकि कबूतरों को दाना खिलाने से उत्पन्न गंदगी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
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