उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म करने की मांग की
UP में उपभोक्ता परिषद ने की स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म करने की मांग, ऊर्जा मंत्री ने बुलाई अधिकारियों की बैठक
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उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई है, जिसमें सरकार से इसे खत्म करने की मांग की गई है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें 70 लाख उपभोक्ताओं को पोस्टपेड में परिवर्तित करने की आवश्यकता बताई गई है।
- 01उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था के खिलाफ विरोध किया है।
- 0270 लाख उपभोक्ताओं को पोस्टपेड में कन्वर्ट करने की आवश्यकता है।
- 03बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है।
- 04ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
- 05प्रदेश के 3.86 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
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उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और सरकार को इस पर तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। परिषद ने चेतावनी दी है कि पावर कॉरपोरेशन को 70 लाख उपभोक्ताओं को पोस्टपेड में परिवर्तित करना पड़ेगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रही हैं और नए कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में दिए जा रहे हैं, जो भारत सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस स्थिति से प्रदेश के 3.86 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है।
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यदि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त होती है, तो उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और पोस्टपेड कनेक्शन मिल सकते हैं।
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