ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की संख्या घटाई
'हर दिन बस 15 जहाज...', ईरान ने होर्मुज पर लागू किया नया सिस्टम
Aaj Tak
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ईरान ने होर्मुज की खाड़ी से रोजाना केवल 15 जहाजों को गुजरने की अनुमति देने का निर्णय लिया है, जबकि पहले यह संख्या 140 थी। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बाद उठाया गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
- 01ईरान ने होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 140 से घटाकर 15 कर दी है।
- 02हर जहाज को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से अनुमति लेनी होगी और एक डॉलर की फीस चुकानी होगी।
- 03यह निर्णय अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बाद लिया गया है।
- 04यदि यह रास्ता ठीक से नहीं खुला, तो वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- 05भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि वह इस क्षेत्र से अधिकांश तेल आयात करता है।
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ईरान ने होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों की संख्या को 140 से घटाकर 15 करने का निर्णय लिया है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बाद उठाया गया है, जिसमें ईरान ने कहा है कि हर जहाज को उसकी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से अनुमति लेनी होगी और 1 अमेरिकी डॉलर की फीस चुकानी होगी, जो क्रिप्टोकरेंसी में होगी। इस नई नीति के तहत, यदि होर्मुज की खाड़ी ठीक से नहीं खुली, तो वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत जैसे देशों पर भी असर पड़ेगा। अमेरिका ने भी इस स्थिति पर विचार किया है और यूरोपीय देशों से मदद की अपील की है। हालाँकि, यह समझौता अभी नाजुक है और कभी भी टूट सकता है।
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यदि होर्मुज की खाड़ी से जहाजों का आवागमन सीमित रहता है, तो भारत में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
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