नासा का आर्टेमिस-2 मिशन: चंद्रमा के डार्क साइड की ऐतिहासिक उड़ान
जहां कभी कोई इंसान नहीं पहुंचा... आज रात चांद के करीब इतिहास रचेगा Artemis-2
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नासा का आर्टेमिस-2 मिशन आज रात चंद्रमा के डार्क साइड पर स्थित ओरिएंटेल बेसिन का दौरा करेगा। चार एस्ट्रोनॉट्स इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हैं, जो पृथ्वी से लगभग 4 लाख किलोमीटर की दूरी तक जाएंगे, 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद का सबसे दूर का मानव यात्रा रिकॉर्ड स्थापित करेंगे।
- 01आर्टेमिस-2 मिशन चंद्रमा के डार्क साइड पर ओरिएंटेल बेसिन का दौरा करेगा।
- 02यह मिशन 1972 के अपोलो-17 के बाद का सबसे दूर का मानव यात्रा रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
- 03एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा की सतह के 30 स्थानों की तस्वीरें और जानकारी लेंगे।
- 04यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव लैंडिंग की तैयारी का हिस्सा है।
- 05ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में 6 अप्रैल 2026 को प्रवेश करेगा।
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नासा का आर्टेमिस-2 मिशन आज रात चंद्रमा के डार्क साइड पर स्थित ओरिएंटेल बेसिन का दौरा करेगा, जो लगभग 965 किलोमीटर चौड़ा है और इसे एक विशाल एस्टरॉयड के टकराने से 38 अरब साल पहले बनाया गया था। इस मिशन में शामिल चार एस्ट्रोनॉट्स, कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडियन एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसन, पृथ्वी से लगभग 4 लाख किलोमीटर की दूरी तक जाएंगे, जो 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद का सबसे दूर का मानव यात्रा रिकॉर्ड होगा। यह मिशन न केवल एक ऐतिहासिक यात्रा है बल्कि भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों की लैंडिंग (आर्टेमिस-3) और मंगल ग्रह पर जाने की तैयारी का भी हिस्सा है। एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा की सतह के 30 स्थानों की तस्वीरें और जानकारी एकत्र करेंगे, जिससे नासा ओरियन स्पेसक्राफ्ट की सुरक्षा और क्षमता का परीक्षण कर सकेगा।
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यह मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में चंद्रमा और मंगल पर मानव लैंडिंग की संभावनाओं को बढ़ाएगा।
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