चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सरकारी अधिकारी का किया निलंबन
सरकारी अफसर कर रही थी ममता बनर्जी का प्रचार, EC ने लिया एक्शन
Aaj Tak
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नजदीक, चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए प्रचार करने के आरोप में सरकारी अधिकारी ज्योत्सना खातून को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने पुलिस तैनाती की समीक्षा के आदेश भी दिए हैं।
- 01ज्योत्सना खातून को चुनावी प्रचार में भाग लेने के आरोप में निलंबित किया गया।
- 02चुनाव आयोग ने इस मामले में ठोस सबूत होने की बात कही।
- 03पश्चिम बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल 2026 को होंगे।
- 04चुनाव आयोग ने पुलिस तैनाती की समीक्षा का आदेश दिया है।
- 05इस कार्रवाई ने सरकारी मशीनरी के पक्षपात के आरोपों को और बल दिया है।
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पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच, चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकारी अधिकारी ज्योत्सना खातून को निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रचार किया। चुनाव आयोग ने कहा है कि उनके पास इस मामले में पक्के सबूत हैं। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने पुलिस तैनाती की समीक्षा का आदेश भी दिया है, जिसमें 2,185 पुलिसकर्मियों को TMC से जुड़े लोगों की सुरक्षा में तैनात किया गया था। यह कार्रवाई उन आरोपों को और मजबूती देती है कि सरकारी मशीनरी का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा।
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इस कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
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