AI से टीबी के दवा-प्रतिरोध की पहचान में तेजी और सटीकता
New TB Test Using AI: अब एआई करेगा टीबी दवा-प्रतिरोध की सटीक पहचान, जांच का बदल जाएगा तरीका
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भारतीय वैज्ञानिकों ने एक नई एआई तकनीक विकसित की है जो टीबी (तपेदिक) के दवा-प्रतिरोध की पहचान में 92% से 100% तक सटीकता प्रदान करती है। यह प्रणाली देशभर में टीबी निदान को अधिक प्रभावी और तेज बनाएगी, जिससे रोगियों के उपचार में तेजी आएगी।
- 01एआई तकनीक से टीबी के दवा-प्रतिरोध की पहचान में 92% से 100% तक सटीकता मिली है।
- 02शोध भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान द्वारा किया गया है।
- 03नई प्रणाली से टीबी निदान की प्रक्रिया में मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
- 04इस तकनीक से दवा-प्रतिरोधी टीबी की जल्दी पहचान संभव होगी।
- 05यह प्रणाली राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को गति देगी।
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भारतीय वैज्ञानिकों ने एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक विकसित की है, जो टीबी (तपेदिक) के दवा-प्रतिरोध की पहचान में 92% से 100% तक सटीकता प्रदान करती है। इस शोध को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान (ICMR-NIRT) ने किया है और यह इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) में प्रकाशित हुआ है। मौजूदा समय में टीबी के दवा-प्रतिरोध की पहचान मैन्युअल तरीके से की जाती है, जिसमें त्रुटियों की संभावना अधिक होती है। नई प्रणाली, जो फास्टर रीजन्स कनवोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (FR-CNN), डिटेक्शन ट्रांसफॉर्मर (DETR) और हायरार्किकल न्यूरल नेटवर्क (HNN) का उपयोग करती है, से टीबी निदान की प्रक्रिया में सुधार होगा। यह तकनीक देशभर में जांच के तरीकों को समान बनाएगी और दवा-प्रतिरोधी टीबी की जल्दी पहचान में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से टीबी निदान प्रणाली अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी, जिससे राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिलेगी।
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इस नई एआई तकनीक से टीबी के दवा-प्रतिरोध की जल्दी पहचान संभव होगी, जिससे रोगियों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
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