उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या में चिंताजनक गिरावट
SIR in UP: एसआईआर में पुरुषों से ज्यादा कट गए महिलाओं के नाम, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता; देखें पूरा चार्ट
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या में पिछले छह महीनों में 19.22 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पुरुषों की संख्या में 16.43 प्रतिशत की कमी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे चुनावी स्थिति प्रभावित हो सकती है।
- 01महिला मतदाताओं की संख्या में 3,18,187 की कमी आई है।
- 02गिरावट का प्रतिशत महिलाओं में 19.22 प्रतिशत और पुरुषों में 16.43 प्रतिशत है।
- 03ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या में अधिक गिरावट देखी गई है।
- 04विशेष पुनरीक्षण के दौरान अपात्र और मृतक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
- 05नए मतदाताओं में 99,454 महिलाएं जुड़ी हैं, लेकिन यह संख्या गिरावट की भरपाई के लिए अपर्याप्त है।
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उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या में पिछले छह महीनों में 19.22 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो कुल 3,18,187 महिलाओं के नामों के कटने के कारण हुई है। इस दौरान पुरुष मतदाताओं की संख्या में 16.43 प्रतिशत की कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह गिरावट अधिक गहरी है, जैसे बाह विधानसभा में 17.06 प्रतिशत और फतेहाबाद में 12.92 प्रतिशत की कमी देखी गई है। शहरी क्षेत्र आगरा छावनी में महिलाओं की संख्या में सबसे अधिक 31.06 प्रतिशत की गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। विवाह के बाद महिलाओं का नाम हटना भी एक प्रमुख कारण हो सकता है। हालांकि, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 99,454 नई महिला मतदाता भी जुड़ी हैं, लेकिन यह संख्या गिरावट की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। अब आगरा की चुनावी स्थिति नए सिरे से तैयार हो चुकी है।
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महिला मतदाताओं की संख्या में गिरावट से चुनावी प्रक्रिया और प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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