तरुण हत्याकांड: जमानत याचिका पर फैसला 9 अप्रैल को
तरुण हत्याकांड: हिंसा भड़काने के आरोपी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, 9 अप्रैल को कोर्ट सुनाएगी आदेश
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द्वारका कोर्ट ने तरुण हत्याकांड में आरोपी बाबू खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस ने जमानत का विरोध किया है, और अदालत 9 अप्रैल को अपना आदेश सुनाएगी। यह मामला अनुसूचित जाति के 26 वर्षीय तरुण खटीक की हत्या से जुड़ा है।
- 01बाबू खान पर भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है।
- 02तरुण खटीक की हत्या 4 मार्च को उत्तम नगर में हुई थी।
- 03पुलिस ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
- 04अदालत 9 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी।
- 05मामले में जातिसूचक टिप्पणियों का भी उल्लेख है।
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द्वारका कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाली बंसल ने तरुण हत्याकांड के आरोपी बाबू खान की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बाबू खान पर आरोप है कि उसने भीड़ को हिंसा के लिए भड़काया। मामले में 26 वर्षीय तरुण खटीक, जो अनुसूचित जाति समुदाय से थे, की हत्या 4 मार्च को उत्तम नगर की जेजे कालोनी में हुई थी। हमलावरों ने तरुण पर लाठी, डंडे और अन्य हथियारों से हमला किया, जिससे उनकी गंभीर चोटें आईं और 5 मार्च को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है और जमानत का कोई आधार नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश को 9 अप्रैल को सुनाने का निर्णय लिया है।
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इस मामले का फैसला स्थानीय समुदाय में जातीय हिंसा की चिंताओं को बढ़ा सकता है।
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