मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव, 2026 में विधेयक लाने की योजना
MP News: मध्य प्रदेश में UCC की तैयारी तेज, 2026 के मानसून सत्र में विधेयक ला सकती है मोहन सरकार
Amar Ujala
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मध्य प्रदेश की मोहन सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए तैयारी कर रही है। गृह विभाग ने एक स्टेट लेवल कमेटी बनाने का निर्णय लिया है और आगामी 2026 के मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की संभावना है। इससे सभी धर्मों के लिए विवाह, तलाक, और संपत्ति के मामलों में एक समान कानून लागू होगा।
- 01मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी कर रही है।
- 02एक स्टेट लेवल कमेटी बनाई जाएगी जो अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन करेगी।
- 03UCC से विवाह, तलाक और संपत्ति के मामलों में समान कानून लागू होगा।
- 04कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से चर्चा की जाएगी।
- 052026 के मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की संभावना है।
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मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस पर गृह विभाग के तहत एक स्टेट लेवल कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। आगामी 2026 के मानसून सत्र में UCC से जुड़ा विधेयक पेश किया जा सकता है। इस विधेयक के माध्यम से विवाह, तलाक, संपत्ति और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। सरकार अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर रही है, विशेष रूप से गोवा के सिविल कोड का। इस प्रक्रिया में कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से भी चर्चा की जाएगी ताकि किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। UCC लागू होने पर सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के नियम समान होंगे, और संपत्ति में बेटा-बेटी के अधिकारों में समानता आएगी। यह कदम मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए उठाया जाएगा, जो एक चुनौती भी हो सकता है।
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UCC लागू होने से मध्य प्रदेश के नागरिकों को विवाह, तलाक, और संपत्ति के मामलों में समान अधिकार मिलेंगे।
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