कानपुर में 12,000 बुजुर्गों की पेंशन एक साल से अटकी, नए नियमों से बढ़ी मुश्किलें
Kanpur: ‘पढ़ना-लिखना नहीं आता, कहां से दें पढ़ाई का डाटा’, 12000 बुजुर्गों की एक साल से अटकी पेंशन, पढ़ें मामला
Amar Ujala
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कानपुर जिले में 12,000 बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन एक साल से अटकी हुई है। नए नियमों के तहत शैक्षिक प्रमाणपत्र और कुटुंब रजिस्टर की आवश्यकता के कारण कई बुजुर्ग परेशान हैं, जिनके पास ये दस्तावेज नहीं हैं। यह पेंशन उनके जीवनयापन के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01कानपुर में 12,000 बुजुर्गों की पेंशन एक साल से लंबित है।
- 02नए नियमों के अनुसार, शैक्षिक प्रमाणपत्र और कुटुंब रजिस्टर की आवश्यकता है।
- 03अधिकांश बुजुर्ग अंगूठाछाप हैं और दस्तावेज नहीं होने के कारण परेशान हैं।
- 04पेंशन की राशि ₹1,000 प्रति माह है, जो बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।
- 05समाज कल्याण विभाग के अनुसार, 94,470 बुजुर्ग पेंशनधारक हैं।
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कानपुर जिले में 12,000 बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन एक साल से लंबित है। ये बुजुर्ग नए नियमों के कारण परेशान हैं, जिनमें शैक्षिक प्रमाणपत्र और कुटुंब रजिस्टर की आवश्यकता है। अधिकांश बुजुर्ग अंगूठाछाप हैं और उनके पास ये दस्तावेज नहीं हैं, जिससे उनकी पेंशन अटक गई है। पेंशन की राशि ₹1,000 प्रति माह है, जो उनके दवा और राशन के लिए आवश्यक है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आधार को आयु प्रमाण के रूप में मान्यता नहीं दी है, जिसके बाद समाज कल्याण विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के कारण कई बुजुर्ग लेखपाल, पंचायत और तहसील के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनके कमजोर स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति दफ्तर जाने में बाधा बन रही है।
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बुजुर्गों के लिए पेंशन का न मिलना उनकी आर्थिक स्थिति को और खराब कर सकता है।
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