हिमाचल शिक्षा बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़ने पर शिक्षकों पर कार्रवाई का निर्णय लिया
Himachal News: पुनर्मूल्यांकन, पुनर्निरीक्षण में 15 से 20 अंक बढ़े तो नपेंगे शिक्षक, शिक्षा बोर्ड सख्त; जानें
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन में 15 से 20 अंक बढ़ने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यह कदम मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखने और छात्रों को सही अंक देने के लिए उठाया गया है।
- 01पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़ने पर शिक्षकों पर कार्रवाई होगी
- 02बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का निर्णय लिया है
- 03पुनर्मूल्यांकन के दौरान छात्रों के अंक 50 से 85 तक पहुंच रहे हैं
- 04बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
- 05मूल्यांकन कार्य 41 केंद्रों पर 5000 से अधिक शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है
Advertisement
In-Article Ad
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़ने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया है कि यदि पुनर्मूल्यांकन के दौरान छात्रों के अंक 15 से 20 तक बढ़ते हैं, तो संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम पिछले कुछ वर्षों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आने वाले आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है, जो मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि इस बार मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता लाई जा रही है और सभी शिक्षकों को ईमानदारी से अंक देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मूल्यांकन कार्य 41 केंद्रों पर चल रहा है, जहां 5000 से अधिक शिक्षक 10वीं और 12वीं कक्षा के विभिन्न विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से छात्रों को उनके वास्तविक परिश्रम के अनुसार अंक मिलेंगे और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता में सुधार होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि शिक्षकों पर अंक बढ़ने पर कार्रवाई करना उचित है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



