ट्रंप ने बताया ईरान-यूएस वार्ता विफल होने के कारण
ट्रंप ने बताए वो दो मुद्दे... जिनकी वजह से विफल हुई US-ईरान शांति वार्ता
Aaj Tak
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अमेरिका और ईरान के बीच 20 घंटे की वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की वित्तीय और परमाणु मांगें वार्ता में बाधा बनीं। ईरान ने अमेरिका पर भरोसा न करने का आरोप लगाया।
- 01अमेरिका-ईरान वार्ता बिना समझौते के खत्म हुई।
- 02ट्रंप ने ईरान की मांगों को अमेरिका की शर्तों के खिलाफ बताया।
- 03ईरान ने अमेरिका पर भरोसा न करने का आरोप लगाया।
- 04ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की धमकी दी।
- 05ईरान के आईआरजीसी ने ट्रंप की धमकी का कड़ा जवाब दिया।
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अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 20 घंटे चली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वार्ता ईरान की दो प्रमुख मांगों—वित्तीय सहायता और परमाणु कार्यक्रम—के कारण विफल हुई। ट्रंप ने ईरान को धमकी दी कि अमेरिका की सेना ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका पर भरोसा न करने का आरोप लगाया। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तर्कों को समझा, लेकिन विश्वास जीतने में असफल रहा। ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की धमकी दी, जिसका ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ा जवाब दिया, stating कि वे समुद्री गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण रखते हैं।
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यह वार्ता विफल होने से क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ सकता है, जो वैश्विक शिपिंग और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
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